हिंदू और सिखों के तीर्थ का गेटवे है जोशीमठ

खिसकता हुआ शहर जोशीमठ

समुद्र से 6000 फीट की ऊंचाई पर
बसे जोशीमठ में जमीन धंसने से 3 हजार
से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

करीब 20 हजार आबादी वाले जोशीमठ
शहर में कुल 4500 इमारतें हैं। इनमें से
678 घरों में दरार आ गई है।

ये वही जोशीमठ शहर है जो कि हिंदुओं
और सिखों के पवित्र तीर्थ बद्रीनाथ और
हेमकुंड साहिब का गेटवे कहा जाता है।

जूलॉजिस्ट और डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट्री
रानीचौरी में HOD एसपी सती कहते हैं कि
जोशीमठ टूटे हुए पहाड़ों के जिस मलबे पर
बसा है वह अब तेजी धंस रहा है।

जोशीमठ लैंडस्लाइड मटेरियल यानी
ग्रैविटी के चलते पहाड़ों के टूटने से जमा
हुआ मटेरियल पर बसा हुआ है।

इतिहासकार शिवप्रसाद डबराल के
मुताबिक, करीब एक हजार साल पहले
लैंडस्लाइड हुआ था। तब जोशीमठ कत्युरी
राजवंश की राजधानी थी।

कत्युरी राजवंश के समय जोशीमठ की
पूरी आबादी को नई राजधानी कार्तिकेयपुर
शिफ्ट किया गया था। यानी जोशीमठ एक बार
पहले भी शिफ्ट किया जा चुका है।

लाइफ & स्टाइल की और
स्टोरीज के लिए क्लिक करें

Click Here