40 साल के नीचे के लोग भी पीड़ित 

स्मार्टफोन यूज से बन रहा हंप

स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट के
इस्तेमाल से लोगों की गर्दन और रीढ़ टेढ़ी हो
रही है। अधेड़ के साथ युवा और टीनेजर्स भी काइफोसिस बीमारी के शिकार हो रहे हैं।

डॉक्टर्स बताते हैं कि थोड़ा कर्व नॉर्मल होता है
लेकिन यह कर्व अधिक बड़ा हो जाता है तो गर्दन अकड़ने लगती है। मांसपेशियों में दर्द होने लगता है।

स्मार्टफोन और टैबलेट पर काम करने
के दौरान सिर का पोस्चर हमेशा आगे की
ओर रहता है। घंटों इस पोजिशन में रहने पर
स्पाइन घुमावदार हो जाती है। 

अगर आपकी रीढ़ के ऊपरी भाग में कर्व है और
कंधे राउंडेड हैं तो ये काइफोसिस के लक्षण हो
सकते हैं। इसकी खुद पहचान करना आसान है।

एक स्टडी के अनुसार, महिलाओं के मुकाबले
पुरुषों में काइफोसिस अधिक होता है। यह पुरुषों
की हाइट और फिजिक पर भी निर्भर करता है।

हंप से बचना है तो एक ही पोजिशन में मोबाइल या
लैपटॉप न चलाएं। काम के बीच में 10 मिनट का
ब्रेक लेकर गर्दन की मांसपेशियों को स्ट्रेच करें।

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