क्या हैं मान्यताएं

छठ में क्यों लगाया जाता
है भखरा सिंदूर

बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ
हिस्सों में शादी के समय सिंदूरदान के लिए
नारंगी और गुलाबी रंग के सिंदूर (भखरा सिंदूर)
का इस्तेमाल किया जाता है।

छठ, पूजा और शुभ कार्यों में भी इस रंग के
सिंदूर को विशेष महत्व दिया जाता है।

सिंदूरदान का समय आते-आते सुबह होने वाली
होती है, इसलिए इस सिंदूर की तुलना सूर्योदय
के समय होने वाली लालिमा से की जाती है।
कामना की जाती है कि ये सिंदूर दुल्हन की
जिंदगी में नया सवेरा लेकर आए।

महिलाएं न केवल खुद के लिए भखरा सिंदूर का
इस्तेमाल करती हैं, बल्कि देवी-देवता को प्रसन्न
करने के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है।

कथाओं के अनुसार, हनुमान जी ने श्री राम के
प्रति अपना समर्पण दिखाने के लिए पूरा शरीर
नारंगी सिंदूर से रंग लिया था।

इस रंग के सिंदूर का प्रयोग पति-पत्नी में
एक-दूसरे के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

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