केदारनाथ धाम

गर्भगृह की दीवारों पर सोने की परतें

केदारनाथ मंदिर के कपाट 27 अक्टूबर
को शीतकाल के लिए बंद हो गए। इससे पहले
मंदिर के गर्भगृह की दीवारों और छतों पर
सोने की परतें चढ़ाई गईं।

गर्भगृह में सोने की परतें लगाने का काम
22 अक्टूबर धनतेरस पर शुरू हुआ। दीवारों
और छत पर करीब 230 किलो की 560-565
सोने की परतें लगाई गईं।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष
अजेंद्र अजय ने बताया कि गर्भगृह में सोने
की परतें चढ़ाने में करीब 3 दिन का समय लगा।

गर्भगृह की दीवारें, छत, छत्र, शिवलिंग की चौखट,
सब कुछ स्वर्णमंडित हो गया है, जिससे मंदिर
और अधिक अलौकिक, भव्य एवं दिव्य लगने लगा

अजेंद्र के मुताबिक, मंदिर में लगने वाली सोने की
परतें दिल्ली में तैयार हुईं। फिर उन्हें ट्रक में भरकर
कड़ी सुरक्षा के बीच गौरीकुंड लाया गया।

गौरीकुंड से 18 खच्चरों पर लाद कर इन्हें केदारनाथ
पहुंचाया गया और मंदिर के गर्भगृह में लगाया गया।

समिति के मुताबिक, गर्भगृह में सोने की परतें
चढ़ाने के दौरान धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं
और पुरातत्व विशेषज्ञों की सलाह का
पालन किया गया है।

केदारनाथ गर्भगृह में पहले चांदी की परतें
लगी थीं। मुंबई के एक शिवभक्त ने पिछले
साल अगस्त में सोने की परतें लगाने का
प्रस्ताव दिया, जिस पर अब काम ​हुआ है।

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