शादी से पहले बता दें- काम नहीं करना 

काम करना नौकरानी बनना नहीं 

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने
कहा है कि महिला के घर का काम करने से
वो नौकरानी नहीं हो जाती।

कोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए के तहत दर्ज एक
मामले पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है।

साथ ही कोर्ट ने कहा कि ये क्रूरता भी नहीं है।
अगर महिला काम नहीं करना चाहती तो उसे
शादी के पहले बता देना चाहिए था।

कोर्ट ने कहा अगर महिल पहले ही बता
देती तो लड़का शादी के लिए सोचता और
कोई समाधान निकलता। 

एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों
पर विवाहित महिला के साथ होने वाली क्रूरता
की धाराओं में केस दर्ज कराया था।

मामले पर जस्टिस विभा कांकनवाड़ी और
जस्टिस राजेश पाटिल की खंडपीठ ने 21 अक्टूबर
दर्ज की गई FIR को रद्द कर दिया।

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