100 साल पुराना
घी 1200 मटकों
में सुरक्षित

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गुजरात के खेड़ा जिले में एक गांव है
राधू जहां श्री कामनाथ महादेव मंदिर है। इस मंदिर
में 100 साल पुराने घी से ज्योत जलती है।

राधू गांव के लोग महादेव को 'दादा' कहते हैं।
मंदिर के गर्भगृह में दो ज्योत जल रही हैं।
जब से मंदिर बना है तब से दायीं ओर
वाली ज्योत लगातार जल रही है। 

इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु मन्नत
मांगने आते हैं। मन्नत पूरी हो जाती है तब
वापस आकर घी चढ़ाते हैं।  

मन्नत के इस घी को परिसर में बने घी भंडार में
रखे मटकों में पहुंचा दिया जाता है। फिर इसी घी
का इस्तेमाल अखंड ज्योत जलाने के लिए होता है।

मंदिर के चार कमरों में 1200 मटकों में
इस वक्त 80,000 किलो घी है। जिसमें सबसे
पुराना घी 100 साल पुराना है।

सौ साल के बाद भी घी खराब नहीं हुआ है।
गर्मी में भी घी जमा हुआ है। कुछ मटकों में घी
एकदम सफेद रंग का है, तो कुछ में पीले रंग का।

इस घी काे महादेव की अखंड ज्योति
जलाने के अलावा किसी भी दूसरे काम में
इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

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