अगले साल से मेनू में नॉन वेज भी 

वेज या नॉन वेज के
सवाल पर केरल में बवाल 

 केरल के कोझिकोड में ‘केरल स्कूल आर्ट
फेस्टिवल’ के दौरान मेनू में नॉन-वेज खाना नहीं
होने पर विवाद हो गया। सोशल मीडिया पर
‘ब्राह्मणवादी आधिपत्य’ का आरोप लगाया गया।

फेस्टिवल में पिछले 16 साल से
पझायिदम मोहनन नंबूदरी शेफ और उनकी
टीम खाना बना रही थी। लोगों ने कहा कि
केटरर ब्राह्मण हैं इसलिए वो वेजिटेरियन
खाना ही सर्व करते हैं।

नंबूदरी ने अपनी 70 सदस्यीय टीम के
साथ मिलकर 22,000 लोगों के लिए खाना तैयार
किया था, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। 1200
वोलेंटियर्स ने खाना सर्व किया था। 

फेसबुक पर एक व्यक्ति ने लिखा कि
सरकार ने नंबूदरी ब्राह्मण को वेजिटेरियन फूड
बनाने के लिए रखा है। उस स्टेट में जहां अधिकतर
आबादी नॉन वेज खाना पसंद करती है। 

कोझिकोड को नॉन वेजिटेरियन डिशेज के
लिए जाना जाता है। विवाद तब और बढ़ा जब
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वो तो बच्चों को
कोझिकोडिएन बिरयानी देना चाहते थे।

राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने
कहा कि अगले साल से स्कूल के आर्ट फेस्टिवल
के मेनू में वेज और नॉन-वेज दोनों तरह के
फूड को शामिल किया जाएगा।

केटरर पझायिदम मोहनन नंबूदरी ने कहा
कि उसे नॉन वेज खाना पकाने और सर्व करने में
कोई दिक्कत नहीं है। मेरी टीम ने स्टेट स्कूल
स्पोर्ट्स में बच्चों को नॉन वेज खाना परोसा था। 

लाइफ & स्टाइल की और
स्टोरीज के लिए क्लिक करें

Click Here