दीप दान से पाएं यश-वैभव

 देव दिवाली आज

आज देव दिवाली है। पौराणिक मान्यता
है कि स्वर्ग से देवी-देवता काशी के गंगा
घाट पर दिवाली मनाने उतरते हैं। 

पूजा और दीपदान प्रदोष काल में
करना शुभ है, शाम 5 बजकर 14 मिनट से
7 बजकर 49 मिनट का समय उत्तम है।

हर साल कार्तिक पूर्णिमा के
दिन देव दिवाली होती है। इस दिन
दीप दान की प्रथा है।

पौराणिक मान्यता है कि देव दिवाली
के दिन पवित्र नदी के जल से स्नान कर दीपदान
करने से सुख, समृद्धि और वैभव में वृद्धि होती है।

वाराणसी की गंगा में आज लाखों
की संख्या में श्रद्धालु दीप-दान करेंगे। इससे
देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।

मान्यता के अनुसार, इसी दिन
भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध कर,
देवताओं को मुक्ति दिलाई। तभी से देवता
इसे देव दिवाली के रूप में मना रहे हैं।

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