तिलकुंद चतुर्थी
कब है? विघ्नहर्ता
की पूजा से बनेंगे
बिगड़े काम

Dharm

तिलकुंद चतुर्थी को विनायकी और
वरद चतुर्थी भी कहा जाता है। तिल उत्सव
इस बार 25 जनवरी को मनाया जाएगा। 

तिलकुंद चतुर्थी को श्रीगणेश और चंद्रमा
की पूजा का विधान है। मान्यता है कि यह व्रत
करने से घर में खुशहाली बढ़ती है।

तिलकुंद चतुर्थी व्रत करने से जॉब
और बिजनेस की परेशानियां दूर होती हैं।
मानसिक शांति मिलती है। 

तिलकुंद चतुर्थी व्रत में भगवान गणेश
को तिल के लड्डू का भोग लगाएं। इसके
बाद इसे प्रसाद की तरह बांट दें।

पौराणिक मान्यता है कि इस
व्रत में तिल से बनी चीजों का दान करने
से हर तरह के पाप खत्म होते हैं।

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