क्या है दोनों में अंतर, पूजा में क्यों है जरूरी

चरणामृत और पंचामृत

चरणामृत यानी भगवान के चरणों का अमृत।
तुलसी पत्ता, तिल और दही से बना चरणामृत
तांबे के पात्र में रखा जाता है।

पूजा के बाद चरणामृत भगवान के चरणों में रखते हैं। मान्यता है कि जब दुखों का नाश मरता है।

पंचामृत 'अमृत तत्वों' से मिलकर बनता है। दूध,
दही, घी, शहद और चीनी को मिलाकर शिवलिंग
का अभिषेक किया जाता है।

पंचामृत पीने से शरीर मजबूत और रोग मुक्त
होता है। इससे नहाने से बॉडी ग्लो बढ़ता है।

लाइफ & स्टाइल की और
स्टोरीज के लिए क्लिक करें

Click Here