क्या कहते हैं डॉक्टर 

सर्दियों में बिस्तर में भी
पैर क्यों रहते हैं ठंडे

सर्दियों में लोगों की शिकायत होती है कि
कंबल या रजाई में बैठने पर भी पैर ठंडे रहते हैं।
कुछ लोगों के हाथ भी ठंडे रहते हैं। हालांकि
हाथ या पैर ठंडे होना नॉर्मल है।

इसके कई कारण हो सकते हैं।
पहला कारण यह है कि ठंड के दिनों में पैरों
में ब्लड सर्कुलेशन कम होता है। इससे शरीर
को मिलने वाली गर्मी भी घट जाती है। 

हमारे शरीर की संरचना ऐसी है कि पहले
जरूरी अंगों जैसे ब्रेन, हार्ट, किडनी, लिवर को
ब्लड सप्लाई होती है। इसके बाद बाहरी अंगों
पैर या हाथ में ब्लड भेजा जाता है। 

जब पैरों में ब्लड सर्कुलेशन काफी कम हो
जाता है तो वहां के टीश्यूज में ऑक्सीजन भी
घट जाती है। इसलिए पैर जब पूरी तरह ठंडे पड़
जाते हैं तो इनका रंग नीला पड़ने लगता है। 

जिन लोगों में खून की कमी होती है या
जो एनीमिया पीड़ित होते हैं उनमें शरीर के
अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन सप्लाई कम
हो जाती है। इस कारण भी पैर ठंडे हो सकते हैं। 

जिन लोगों को किसी तरह की
इंज्युरी है, लिवर या किडनी की बीमारी से
जूझ रहे हैं, न्यूट्रिएंट्स की कमी है, उन्हें सर्दियों
में हाथ-पैर में अधिक ठंड लगती है। 

थॉयराइड हॉर्मोन ब्लड सर्कुलेशन,
हार्ट बीट और बॉडी टेंपेरेचर को कंट्रोल करता है।
थॉयराइड हार्मोन लेवल घटने पर मेटाबॉलिक
एक्टिविटी घटती है जिससे पैर ठंडे पड़ जाते हैं। 

लोग इस सीजन में चाय-कॉफी या
दूसरे हॉट ड्रिंक अधिक लेते हैं। लेकिन इससे ब्लड
सर्कुलेशन में कमी आती है। इन लोगों में हाथ-पैर
ठंडे रहने की शिकायत अधिक होती है।  

ठंड में हर दिन 3 से 4 किमी टहलने
से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। पैरों को
गर्म रखने के लिए खाने में लहसुन और
अदरक का इस्तेमाल जरूर करें। 

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