मिट्टी और लोहे का तवा सेफ ऑप्शन 

एनोडाइज्ड तवा कितना सुरक्षित

एनोडाइज्ड बर्तन वो हैं, जिनमें एल्युमीनियम
के बर्तनों पर एक सुरक्षित कोटिंग की जाती है,
ताकि उनका उपयोग हानिकारक न हो। 

लंबे समय तक ऐसे बर्तनों में पका खाना
खाने से शरीर में एल्युमीनियम की मात्रा
बढ़ जाती है, जिससे टीबी, अल्जाइमर
जैसी बीमारियां हो सकती हैं। 

जरूरी हो तो एल्युमीनियम के बर्तन में खाना
बनाने के बाद बर्तन में से भोजन निकालकर
दूसरे बर्तन में रख दें।

एनोडाइज्ड तवा का उपयोग तब तक ही
करें, जब तक उसकी कोटिंग बरकरार है। 

लोहे के तवे में रोटी बनाने से उनमें आयरन
कंटेंट बढ़ जाता है जो शरीर के लिए फायदेमंद है।

मिटटी के तवे में रोटी बनाने से मिट्टी के
 मिनरल्स मिलते हैं और प्रकृति से जुड़ाव
 बढ़ता है। 

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