प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन से कैंसर का खतरा

फीमेल हाईजीन
प्रोडॅक्ट्स बिगाड़ रहे सेहत

फीमेल प्राइवेट पार्ट्स में
बैक्टीरिया यानी सूक्ष्मजीवों की 200 से
ज्यादा प्रजातियां रहती हैं। इसलिए इसे
‘वेजाइनल ईकोसिस्टम’ भी कहते हैं।

फीमेल प्राइवेट पार्ट में सबसे ज्यादा
गुड बैक्टीरिया 'लैक्टोबैसिलस' होते हैं।
इनके साथ फंगस और कुछ बैड बैक्टीरिया
भी प्राइवेट पार्ट में मौजूद होते हैं।

'लैक्टोबैसिलस' pH लेवल पर
कंट्रोल रखता है। बैड बैक्टीरिया को मार
देता है। इंफेक्शन फैलने से रोकता है। इससे
वेजाइनल फ्लोर में संतुलन बना रहता है।

लेकिन, हाईजीन प्रोडॅक्ट्स कई बार
गुड बैक्टीरिया को भी मार देते हैं, ph
लेवल को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे संक्रमण
का खतरा बढ़ जाता है।

हाईजीन प्रोडॅक्ट्स से इंफेक्शन
का खतरा 20 गुना बढ़ जाता है। इसलिए
प्राइवेट पार्ट की सफाई के लिए बिना डॉक्टर
की सलाह के कोई प्रोडॅक्ट यूज न करें।

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