धुएं के कारण कम हो जाता है स्पर्म काउंट

सिगरेट न पीने के बावजूद हो सकता है लंग कैंसर

अब सिगरेट नहीं पॉल्यूशन में सांस लेने के कारण
भी आप लंग कैंसर के शिकार हो सकते हैं।

लंग कैंसर पर पिछले 10 सालों से
रिसर्च कर रहे मेदांता हॉस्पिटल के टीम
ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

रिसर्च की माने तो लंग कैंसर से जूझने
वाले आधे पेशेंट्स ऐसे हैं, जो सिगरेट नहीं पीते
या उनके घर में भी कोई स्मोकिंग नहीं करता।

पॉल्यूशन के कारण हवा में घुले खतरनाक
कणों से फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचता है।

लंबे समय तक इन तत्वों के संपर्क में रहने
से लंग कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

रिसर्च के अनुसार वेस्टर्न कंट्रीज के
मुकाबले उम्र के लिहाज से भारत में लंग
कैंसर 10-15 साल पहले हो रहा है।

सिगरेट का धुआं मेल के स्पर्म काउंट कंसंट्रेशन
को 23 प्रतिशत तक कम कर सकता है, जिससे
स्पर्म एग के साथ मिलकर फर्टिलाइज नहीं हो पाता।

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