मुंह में 200 करोड़ बैक्टीरिया

दमकते दांत, चमकती सेहत

मुंह में 650 तरह के 200 करोड़ बैक्टीरिया
रहते हैं। अगर ओरल हेल्थ पर ध्यान न
दिया जाए तो यह बैक्टीरिया बीपी और
डायबिटीज जैसी बीमार दे सकते हैं।

ओरल हाइजीन अच्छी नहीं हो तो इससे
गट हेल्थ यानी आंतें प्रभावित होती हैं। मुंह
के रास्ते आंतों में माइक्रोब्स की एंट्री होती है
जिससे अपच, गैस और अल्सर हो सकता है।

मुंह की सफाई का कनेक्शन दिल से भी होता है। 
 मुंह में कुछ माइक्रो ऑर्गेनिज्म होते हैं जो खून से
दिल में प्रवेश करते हैं। इससे हार्ट वॉल्व ब्लॉक
हो जाती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

सर्दी में हीटर के सामने बैठने से या जुकाम होने
पर नेब्युलाइजर लेने से मुंह में सलाइवा कम
होने लगता है और  बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं।
इससे दांत सड़ने, सूजन, कैविटी जैसी समस्या
 होने लगती है।

 डायबिटीज, ब्लडप्रेशर की कुछ दवाएं, पेन
किलर्स और एंटीडिप्रेसेंट मेडिसिन खाने से
 लार कम बनती है। ये भी इंफेक्शन का
कारण बनता है।

दुनिया में 350 करोड़ लोगों को मुंह की सफाई
 न रखने से बीमारी हुई। मिडिल इनकम वाले
देशों में  4 में से 3 लोगों की ओरल हाइजीन
 ठीक नहीं है।

भारत में 90% लोगों को डेंटल कैविटी है।
51% लोग ही टूथब्रश करते हैं और
सिर्फ 28% ही दिन में 2 बार ब्रश करते हैं।

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