ब्रेन को नहीं मिलती ऑक्सीजन,
फेफड़ों को नुकसान

अलर्ट: कंबल से मुंह
ढंककर सोते हैं?

सर्दियों में कंबल या रजाई से सिर ढंककर
 सोने की आदत अनहेल्दी है। इससे ब्रेन को
कम ऑक्सीजन मिलती है और यह स्लो
 काम करने लगता है।

कंबल से नाक और मुंह ढंका होने के कारण
 फ्रेश ऑक्सीजन फेफड़े में नहीं जाती। कंबल
 के अंदर मौजूद ऑक्सीजन ही बार-बार
इनहेल करने से अशुद्ध हवा सांसों में जाती है। 

नींद में लोगों को इस बात का एहसास नहीं
 होता, लेकिन ऑक्सीजन की कमी की
 वजह से बॉडी के हर पार्ट में ब्लड
सर्कुलेशन सही से नहीं होता।

रिसर्च के अनुसार, सिर ढंककर सोने से
 चेहरे पर कार्बन डाई ऑक्साइड जमा
 होता है। साइकोलॉजिकल और
 बिहेवियरल बदलाव दिखते हैं।

इस स्लीपिंग हैबिट से फेफड़ों पर भी बुरा
असर पड़ता है। रोज 6 से 8 घंटे महीने भर
तक कोई इस तरह सोता है तो उसके
फेफड़े सिकुड़ने लगते हैं। 

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