10 सालों में गंभीर होगी स्थिति

कम व्यायाम से बीमार
हो रहे लोग

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेताया- व्यायाम नहीं
करने से लोग दिल की बीमारियां, मोटापा,
डायबिटीज से ग्रसित हो रहे। 2030 तक ऐसे
रोगियों की संख्या 50 करोड़ हो जाएगी।

हाइपरटेंशन के बाद विश्व में डिप्रेशन और
एंजाइटी बड़ी बीमारी बनकर उभरी है। इसके
बाद हार्ट डिजीज और डायबिटीज से सबसे
ज्यादा लोग पीड़ित हो रहे।

दुनिया में 50 प्रतिशत देशों में ही फिजिकिल
एक्टिविटी पॉलिसी लागू है। इनमें से भी
40 प्रतिशत से कम देशों ने ही ऐसी
पॉलिसी को लागू किया है।

75 प्रतिशत देश ऐडोलेसन्ट की फिजिकल
एक्टिविटी को मॉनिटर करते हैं जबकि 30% ही
पांच साल के नीचे के बच्चों की फिजिकल
एक्टिविटी की निगरानी करते हैं।

फिजिकल एक्टिविटी रेगुलर करने से दुनिया
भर में हर साल 50 लाख लोगों की जान बचायी
जा सकेगी। एक सप्ताह में 150 से
300 मिनट एक्सरसाइज जरूरी है।

भारत में फिजिकिल एक्टिविटी की पॉलिसी
नहीं लागू है। नेशनल करीकुलम फ्रेमवर्क के
तहत क्लास 1 से 9 तक हेल्थ व फिजिकल
एजुकेशन को अनिवार्य बनाया गया है।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च
(ICMR) द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार,
भारत में गांवों के मुकाबले शहर के लोगों में
फिजिकल एक्टिविटी कम है। 

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