नहीं बच पाते रेड जोन के ज्यादातर पेशेंट

डेथ रेट पर कंट्रोल
कर सकेगा नया सिस्टम

एम्स के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ने 15
हजार मरीजों पर एक स्टडी की जिसमें कई
अहम बातें निकल कर सामने आईं।

जनरल ऑफ इमरजेंसी ट्रामा में छपी इस
स्टडी से पता चला है कि एम्स जैसा इमरजेंसी
सिस्टम डेथ रेट कम कर सकता है।

इस इमरजेंसी सिस्टम के तहत पेशेंट
को उनकी गंभीरता के हिसाब से बांटा गया है
जैसे- रेड यानी बहुत गंभीर, यलो मतलब मध्यम
लक्षण वाले पेशेंट और ग्रीन में कम गंभीर मरीज।

स्टडी में पाया गया है कि रेड जोन
वाले मरीजों का ट्रीटमेंट समय पर करके
ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकती है। 

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