जिन्ना के नाती हैं
ब्रिटानिया कंपनी
के मालिक

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भारत में बिस्किट का मार्केट करीब
40 हजार करोड़ रुपए का है, जिसमें सबसे
बड़ी हिस्सेदारी ब्रिटानिया की है। यह देश का
सबसे पहला बिस्किट ब्रांड है।

पिछले 7-8 सालों में अपनी डीलरशिप
और रिटेल पहुंच को तिगुना करने के बाद
ब्रिटानिया कंपनी, सेल्स वैल्यू के हिसाब से
बिस्किट कैटेगरी में मार्केट लीडर बनी हुई है।

इन दिनों ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज डिविडेंड के
ऐलान और शेयर वैल्यू की वजह से चर्चा में है।
जानिए 295 रुपए की लागत से शुरू हुई कंपनी
ने इतवना बड़ा बाजार कैसे बनाया।

1892 में ब्रिटिश कारोबारियों के एक
ग्रुप ने कोलकाता में केवल 295 रुपए की लागत
से बिस्किट बनाने का एक छोटा सा काम शुरू
किया था, तब एक कमरे में बिस्किट बनते थे।

1897 में गुप्ता ब्रदर्स ने इस एंटरप्राइज को
खरीद लिया, जिनमें नलिन चंद्र गुप्ता प्रमुख थे।
वह कंपनी को वीएस ब्रदर्स के नाम से चलाने लगे।

1910 में इलेक्ट्रिसिटी आई तो कंपनी ने
मशीन से बिस्किट बनाने शुरू किए। 

1918 में सीएच होम्स नाम के अंग्रेज इसमें
पार्टनर बन गए और पहली बार कंपनी को नाम
दिया 'ब्रिटानिया बिस्किट कंपनी लिमिटेड।'

ब्रिटानिया की बागडोर नुस्ली वाडिया और
उनके वाडिया ग्रुप के पास है, जो कि पाकिस्तान
के फाउंडर 'मोहम्मद अली जिन्ना' के नाती हैं।
जिन्ना की बेटी दीना जिन्ना ने पारसी उद्योगपति
नेविल वाडियासे शादी की थी।

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