मिलावट वाला कफ सिरप
पीने से 89 बच्चों की मौत

कफ सिरप बन सकता है जहर

डॉक्टर की सलाह के बिना कफ सिरप
खरीद रहे हैं तो यह जानलेवा हो सकता है।

ज्यादा फायदे के लिए कफ सिरप में
एथिलीन ग्लाइकोल और डायथिलीन ग्लाइकोल
नाम के लिक्विड केमिकल मिलाए जा रहे हैं।

ऐसी ही मिलावट वाले भारतीय कफ सिरप
पीने से पिछले कुछ महीनों में गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में 89 बच्चों की मौत हो चुकी है।

भारत में भी दवा में इन केमिकल्स की
 मिलावट से अलग-अलग घटनाओं में
73 लोगों की मौत का रिकॉर्ड दर्ज है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी WHO ने
भी 2 भारतीय कफ सिरप के यूज को
लेकर अलर्ट जारी किया है।

उज्बेकिस्तान में 19 बच्चों की मौत के लिए
नोएडा की मैरियन बायोटेक में बनी
AMBRONOL और Doc-1 Max
कफ सिरप को जिम्मेदार बताया गया।

WHO ने भी अपनी जांच में दोनों कफ
सिरप AMBRONOL और Doc-1 Max
को असुरक्षित बताया है।

बच्चों में इन कफ सिरप के इस्तेमाल से
गंभीर समस्या या फिर मौत का खतरा है।

WHO ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एथिलीन ग्लाइकोल और डायथिलीन ग्लाइकोल की इतनी ज्यादा मात्रा इंसानों के लिए जानलेवा हो सकती है।

कंपनी ने अब तक इन उत्पादों की गुणवत्ता की
गारंटी नहीं दी है। पिछले साल भी भारत की फार्मास्युटिकल्स कंपनी के बनाए 4 कफ-
सिरप को लेकर गाम्बिया में अलर्ट जारी किया था।

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