गूगल पे-पेटीएम से घटा बिजनेस

छुट्‌टा नहीं-टॉफी लो

टॉफी और कैंडी की बिक्री में 1990 के दशक
तक 7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई जो 2000
के दशक के बीच लगभग 3 प्रतिशत रह गई।

भारत में गन्ने की खेती हजारों साल से हो रही है।
लोग इसके जूस को उबालकर चीनी बनाते रहे हैं।
5 हजार साल पहले यही कैंडी का प्रारंभिक रूप था।

1920 में बिजनेसमैन मोहनलाल चौहान
ने मुंबई में पार्ले नाम की कंपनी खोली। कंपनी
ने ‘किसमी’, ‘पॉपिंस’, ‘मैंगो बाइट’, ‘मेलोडी’ और
‘रोला कोला’ बनानी शुरू की।

1847 में इंग्लैंड के जोसेफ फ्राई ने पहली
बार मॉडर्न कैंडी बनाई। दुनिया की पहली
चॉकलेट कैंडी बार 1866 में ब्रिटेन में बनी।

कैंडी में ज्यादा चीनी की मात्रा होने से
इसमें बैक्टीरिया नहीं पनपते।

कैंडी खाने से शरीर में डोपामाइन जैसा हैप्पी
हॉर्मोन रिलीज होता है जो खुशी देता है।

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