काफी पुराना है इतिहास

मानव बलि की शुरुआत

प्रीहिस्टोरिक एरा से 21वीं सदी तक कई रूपों
में मानव बलि की परंपरा चली आ रही है।

चीन में एक 4 हजार साल पुराने कब्रिस्तान में
आर्कियोलॉजिस्ट को मानव बलि के सबूत मिले।
3 हजार साल पहले चीन के ही सांग
डायनास्टी में बलि के संकेत मिलते हैं।

प्राचीन मिस्त्र के फैरोनिक सभ्यता की शुरुआत
में राजा की मौत होने पर कई नौकरों को साथ
में जिंदा दफनाए जाने का चलन था।

रोमन साम्राज्य में अलग-अलग देवताओं
के लिए तरीके बदल-बदल कर बलि दी जाती थी। सेल्ट्स ग्रुप बलि के लिए पुतले में इंसान
भरकर आग लगाते थे।

जापान में सेपुकु नाम का एक अनुष्ठान
होता था। इसमें समुराई योद्धा को खुद
अपनी जान देनी होती थी।

भारत में वेदों में मानव बलि का जिक्र है।
अंधविश्वास में यहां कई तरह के किस्से सुनने को
मिलते हैं। सती प्रथा मानव बलि का ही एक रूप था।

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