अब बचाएगा IIT-K का दिल

दुनिया में बंपर दिल के रोगी 

आईआईटी कानपुर आर्टिफिशियल हार्ट
तैयार करने के मिशन पर काम कर रहा है।
संस्थान ने इसके क्लिनिकल ट्रायल के लिए
2 साल का टारगेट रखा है।

IIT-K ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक मेंटोर ग्रुप
बनाया गया, जिसमें वे पूर्व छात्र शामिल हैं,
जो विदेशों में बसे हैं और जो दिल से जुड़ी मशीनों
को बनाने की जानकारी रखते हैं।

मेंटोर ग्रुप में 8 ऐसे युवा इंजीनियर भी
शामिल हैं जिनके पास एडवांस्ड मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मटीरियल्स और बायोइंजीनियरिंग डिग्री है।

यह टीम आईआईटी कानपुर के कैंपस
में ही आर्टिफिशियल हार्ट बनाएगी और उसके
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स हासिल करेगी
ताकि कमर्शलाइज कर सके। संस्थान को
भी उचित रॉयल्टी दी जाएगी।

वैश्विक स्तर पर 32 प्रतिशत लोगों
की जान दिल की बीमारियों की वजह
से जाती है। एक बीमार दिल को आर्टिफिशयल
हार्ट से बदला जा सकता है।

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