ऐप लोन के चक्कर में लोग गंवा रहे जान 

ब्लैकमेलिंग से पैसा वसूल 

​मोबाइल ऐप के जरिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और केवाईसी ​के बिना ही लोन देने वाली चीनी कंपनियों के जाल में फंसकर कई भारतीयों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

कोरोना महामारी के दौरान काम-धंधा
चौपट होने और नौकरी छूटने पर लोगों
 को परिवार चलाने के लिए मजबूरन कर्ज
 लेना पड़ा।

चीनी जालसाजों ने भारतीयों की इसी मजबूरी
 को धंधा बना लिया। तुंरत कर्ज देने वाले ढेरों
 चीनी मोबाइल ऐप भारतीय बाजार में आ गए। 

ये लोन ऐप बिना डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के ही ज्यादा इंटरेस्ट पर लोगों को कर्ज देने लगे। इस दौरान लोगों के फोन की बेहद संवेदनशील जानकारी चीनी जालसाजों के हाथ लग गई। 

कर्ज न चुका पाने या किस्त में देरी पर ये
चीनी ऐप ब्लैकमेल कर लोगों को प्रताड़ित
करने लगे। लोन का 10 गुना अमाउंट चुकाने
के बाद भी कंपनियां ब्लैकमेल कर रही हैं।

लोन ऐप कंपनियों की ब्लैकमेलिंग से तंग
आकर देशभर में पिछले दो साल में कई
 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

आरबीआई ने इस तरह के ऐप से बचाव
के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। RBI
के मुताबिक, अनजान व्यक्ति या ऐप से
अपनी केवाईसी जानकारी साझा न करें।

लाइफ & स्टाइल की और
स्टोरीज के लिए क्लिक करें

Click Here