मेघालय का खासी घटपर्णी

यह पौधा कीड़ा खाता है 

पिचर प्लांट देखने में किसी मंकी कैप जैसा
होता है जो मेघालय की गारो, खासी और
जयंतिया पहाड़ियों पर पाया जाता है।

यह कीटभक्षी पौधा दमकती पराबैंगनी रोशनी में
अपने शिकार को आकर्षित करता है, कीड़े के
बैठते ही वह उसमें ट्रैप हो जाता है।

इसका बोटेनिकल नाम नेपेनथीस खासियाना है।
खासी और गारो लोग इसे शैतानी फूल जबकि
जयंतिया लोग इसे फंसाने वाला जाल कहते हैं।

खासी और गारो लोग इस पौधे के रस का इस्तेमाल
आई ड्रॉप के रूप में करते हैं। इसके पेस्ट से
कुष्ठ रोग ठीक होने का भी दावा किया जाता है।

मेघालय में 250 वर्ग किमी में यह पौधा पाया
जाता है। शिलौंग और दूसरे शहरों में खासी घटपर्णी का एक पौधा 50 से 100 रुपए में मिलता है। 

औषधीय गुणों के कारण इसका इस्तेमाल अधिक
हो रहा है इसलिए विलुप्ति के कगार पर है। 50 वर्षों
में 40% खासी घटपर्णी के पौधे कम हो गए हैं।

उत्तराखंड के चमोली में भी कीट खाने वाले
यूट्रीकुलेरिया फरसीलेटा प्रजाति का पौधा मिला है,
इसका भी मेडिसिनल यूज है।

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