ऋग्वेद के समय से हो रही लव मैरिज

कुंडली में जाति मिलान
का प्रवाधान नहीं

श्रद्धा मर्डर केस के बाद अब हर कोई
लिव इन रिलेशनशिप और लव मैरिज
पर सवाल उठाता नजर आ रहा है।

क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म
की पहली लिखित रचना यानी ऋग्वेद में
ही लव मैरिज का जिक्र मिलता है।

सूर्य ने अपने मन में बेटी की शादी सोम से करने
का फैसला किया था। जबकि बेटी सूर्या की इच्छा
अश्विमी कुमार से शादी करने की थी।

सूर्य ने बेटी की इच्छा का मान रखा और
उसकी शादी अश्विनी कुमार से कर दी।

वहीं वैदिक युग में राजा वेंण ने अपने राज्य में
अंतर जातीय विवाह की खुली छूट दी थी। भगवत
पुराण समेत कई पुराणों में राजा वेंण का जिक्र है।

होरा पराशर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार,
कुंडली के मिलान में जाति के मिलान का
प्रवाधान नहीं था। कुंडली में सिर्फ लड़के-लड़की
के गुणों का मिलान होता है। 

लाइफ & स्टाइल की और
स्टोरीज के लिए क्लिक करें

Click Here