अडल्टरी लॉ को गैर संवैधानिक करार दिया 

पिता के फैसले बदलने वाले जस्टिस चंद्रचूड़ बने CJI

जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने आज देश के
50वें CJI तौर पर शपथ लेकर कार्यभार संभाला।

जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़
कड़े फैसले लेने वाले जज हैं, उन्होंने अपने
पिता के 2 फैसले पलटे।

मौजूदा CJI चंद्रचूड़ के पिता चीफ जस्टिस
वाई.वी. चंद्रचूड़ की बेंच ने 1985 में अडल्टरी के
केस में IPC की धारा 497 को बरकरार रखा था।

2018 में जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस निर्णय
को पलटते हुए अडल्टरी लॉ यानी बेवफाई
कानून को गैरसंवैधानिक करार दिया। 

जस्टिस वाई.वी. चंद्रचूड़ की बेंच ने साल
1976 में शिवकांत शुक्ला बनाम एडीएम
जबलपुर केस में सुप्रीम कोर्ट ने निजता को
मौलिक अधिकार नहीं माना था।

डी.वाई चंद्रचूड़ की बेंच के फैसले में सुप्रीम कोर्ट
ने 2017 में निजता को मौलिक अधिकार माना।

जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ अपने पिता के CJI पद
से रिटायर होने के 37 साल बाद CJI बने। 10 नवंबर
2024 तक जस्टिस चंद्रचूड़ का कार्यकाल है।

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