POCSO के आगे पर्सनल लॉ खारिज 

नाबालिग मुस्लिम लड़की
की शादी वैध नहीं

कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है कि नाबालिग
मुस्लिम लड़की की शादी पर्सनल लॉ के तहत
होती है तो उसे POCSO पोक्सो कानून
का उल्लंघन माना जाएगा। 

प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल
ओफ्फेंसेस (POCSO) एक विशेष कानून है
जिसके तहत किसी महिला के सेक्शुअल
एक्टिविटी के लिए 18 साल लीगल एज है।

जस्टिस राजेन्द्र बादामिकर ने इस दलील को
खारिज किया कि मुस्लिम नाबालिग लड़की
के 15 वर्ष के होने पर बाल विवाह कानून
2006 का उल्लंघन नहीं होता है।

याचिकाकर्ता के खिलाफ बाल विवाह निषेध
अधिनियम (प्रिवेंशन ऑफ़ चाइल्ड मैरिज एक्ट)
2006 की धारा 9 और 10 और पोक्सो के
तहत मामला दर्ज किया गया था

इसके पहले पंजाब और हरियाणा
हाई कोर्ट ने 30 सितंबर को कहा था कि
15 साल या इससे ऊपर कोई मुस्लिम लड़की
अपनी मर्जी से शादी कर सकती है।

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