कभी ‘तमंचा जान’
थीं पॉपुलर 

1930-40 के दशक में सिंगर तमंचा जान उर्फ
गुलजार मुंबई से लेकर लाहौर तक पॉपुलर थीं।
पंजाबी लोक गीतों से लेकर पूरबिया और
गजल तक गाती थीं।

‘तमंचा जान’ तब इस कदर लोकप्रिय थीं कि
मुंबई के कोठों पर वेश्याएं छप्पन छुरी के
साथ ‘तमंचा जान’ कहलाने लगी थीं।

मुंगेर की रहने वाली बीबी रौनक को बिहार
की कट्‌टा क्वीन कहा जाता है। तमंचों की
तस्करी करने में उसे जेल भेजा गया था।

राजस्थान की कमला चौधरी को लेडी डॉन के
तौर पर जाना जाता है। पिस्तौल से फायर करने की
वीडियो उसने सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

1890 के आसपास बिहार के मुंगेर में मेले में
सिंगल बैरेल के तमंचे 10 रुपए में मिलते थे।
तब तक इसकी बिक्री पर रोक नहीं लगी थी। 

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, पूरे देश
में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 41 प्रतिशत
अवैध हथियार पकड़े गए।

भारत में गन से संबंधित कोई एकेडमिक कोर्स
नहीं है। किसी भी संस्थान में सिविलियन के
लिए बंदूक के बारे में कोई पढ़ाई नहीं होती।

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