मुलायम जयंती: साइकिल के चुनाव
चिह्न बनने की कहानी

5 भैंसागाड़ियों पर गई थी
'नेताजी' की बारात

1939 में आज ही के दिन इटावा के सैफई
गांव में मुलायम सिंह यादव का जन्म हुआ था।
आज नेताजी की जयंती है, जानिए नेताजी
की जिंदगी के कुछ अनसुने किस्से। 

पढ़ने में तेज होने के कारण नेताजी का
एडमिशन सीधे तीसरी क्लास में हुआ था।

मुलायम सिंह की शादी 1957 में हुई थी।
उनकी बारात 5 भैंसागाड़ियों पर ले जाई गई थी। 

1965 में मुलायम के अपने से दोगुने
पहलवान से कुश्ती प्रतियोगिता जीतने के
बाद विधायक नत्थू सिंह यादव ने उन्हें
राजनीति में लाने का फैसला किया।

साल 1967 में मुलायम को चुनाव
लड़वाने के लिए नत्थू ने अपनी जसवंतनगर
की सीट तक छोड़ दी थी।

मुलायम के पास चुनाव प्रचार के लिए बस
एक साइकिल थी। इस समय  उनके दोस्त
दर्शन सिंह ने उनका साथ दिया और दोनों एक
गांव से दूसरे गांव जाकर वोट मांगते थे।

नेताजी ने इसलिए साइकिल को
चुनाव चिन्ह के तौर पर चुना। 

साल 2012 में UP विधानसभा चुनाव
में सपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत से जीत हासिल
की। इस दौरान किसी को अंदाजा नहीं था
कि मुलायम अखिलेश को मुख्यमंत्री बना देंगे।

लाइफ & स्टाइल की और
स्टोरीज के लिए क्लिक करें

Click Here