सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसका वैज्ञानिक आधार नहीं

रेप के ‘टू फिंगर टेस्ट’ पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में रेप
के ‘टू फिंगर टेस्ट’ पर रोक लगा दी है।

‘टू फिंगर टेस्ट’ में रेप पीड़ित
महिला के प्राइवेट पार्ट में 2 उंगली डालकर
हाईमन की जांच की जाती है।

इसमें डॉक्टर यह जांचते हैं कि महिला
सेक्शुअली एक्टिव है या नहीं। लेकिन इससे ये
बात पता नहीं चलती कि रेप हुआ है या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि इस तरह की
जांच का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और
यह दोबारा रेप करने जैसा है।

साथ ही कोर्ट ने ‘टू फिंगर टेस्ट’ करने वालों
पर कार्रवाई करने की बात भी कही है।

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